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Showing posts from May, 2020

मांस खाना पाप हैं।

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जीव हत्या करना और मांस खाना अल्लाह का आदेश नहीं है हत्या एक ऐसा शब्द है जिसको सुनकर  अल्लाह से डरने वाले कि रूह कांप जाती है और उसी अल्लाह के नाम पर एक ही दिन में बकरीद के नाम पर लाखों जीवों की हत्या महामूर्खता है,महापाप है। कुरान शरीफ सुरा-अल-बकरा आयत 22 में कहा है:- मानव धरती पर रहने वाले सभी जीवों पर अधिकार रखे। फल और अनाज मनुष्य का भोजन है। किन्तु जीव हत्या बकरे की कुर्बानी देकर खाने का आदेश नहीं। पवित्र कुरान में जीव हत्या करके मांस खाने का कहीं भी जिक्र नहीं है इसलिए यह अल्लाह के आदेश के विरुद्ध है इसलिए अल्लाह कहते हैं - गला काटै कलमा भरै, किया करै हलाल। साहिब लेखा मांगसी तब होगा कौन हवाल।। परमात्मा कबीर ने कलमा  पढ़कर जीवों की हत्या करने वाले मुल्ला काजियों को लताड़ते हुए कहा है कि जिन निर्दोष जीवों की हत्या तुम कर रहे हो इन सभी पापों का लेखा जोखा अल्लाह तुमसे जरूर लेंगे तब तुम्हे कोई बचाने वाला नही होगा। घोर से घोर नर्क में डाला जाएगा इसलिए जीवो की हत्या करके मांस खाना महापाप बताया है अर्थात उन्हें नरक में भी जगह नहीं मिलती...  यह काम अल्लाह...

नाश करता है नाश

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नशा करने से नाश होता है। इसलिए पूर्ण संत के सत्संग सुनें जिससे गृह क्लेश भी समाप्त हो जाता है। यदि आप शराब की लत नहीं छोड़ पा रहे हैं और नशा मुक्ति केंद्र से भी आपको इस बारे में सफलता नहीं मिली है। तो निराश न हों। संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लेकर आप इसे बड़ी आसानी से छोड़ सकते हैं।

नशा करता है नाश

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"नशा करता है नाश"  घर पर बच्चों की आशा होती है की पिता जी आएंगे, फल लाएंगे। लेकिन शराबी पिता नशे में चूर होकर आता है, आते ही पत्नी को पीटना शुरू कर देता है। उसे देखकर छोटे-छोटे बच्चे चारपाई के नीचे छुप जाते हैं। शराब इतनी खतरनाक है कि यह बसे बसाए खुशहाल परिवार को भी उजाड़ देती है तथा धन व बल दोनों का नाश करती है। परमात्मा कबीर साहेब जी अपनी अमर वाणी में कहते हैं:- मदिरा(शराब) पीवै कड़वा पानी, सत्तर जन्म कुत्ते के जानी।। शराब पीने से 70 जन्म तक कुत्ता बनने की सज़ा मिलेगी। आज ही त्यागें ऐसी बुरी वस्तु को। शराबी व्यक्ति विचार करें आज किसी की भी संतान उस समय बहुत गर्व महसूस करती है जब उसे अपने स्वावलंबी पिता का परिचय देना हो। शराबी परिजन का परिचय देने में बच्चे हीन भावना का शिकार होते हैं। शराब गृह क्लेश को जन्म देती है व आर्थिक, शारीरिक, सामाजिक बदहाली अपने साथ लेकर आती है। इससे दूरी रखना ही समझदारी है। More information :- Visit link- Supremegod.org